किसे मिलेगी जगह, कौन होगा बाहर… संगठन के बाद अब बीजेपी संसदीय बोर्ड में बदलाव की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बि… बिस्वा सरमा की दावेदारी प्रमुख है.

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से अपनी टीम की घोषणा किए जाने के बाद अब पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक संस्था ‘संसदीय बोर्ड’ के पुनर्गठन क…की चर्चा है. भाजपा संविधान के तहत संसदीय बोर्ड को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्रियों के नामों की सिफारिश, नीतिगत निर्णय, राजनीतिक गठबंधन और अनुशासनात्मक का…कार्रवाई का सर्वाधिकार प्राप्त है. इसके सभी सदस्य ‘केंद्रीय चुनाव समिति’ के भी अनिवार्य सदस्य होते हैं, जो चुनाव में उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है…
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अपनी नई संगठनात्मक टीम के ऐलान के बाद, अब पार्टी के सबसे शक्तिशाली नीति-निर्धारक निकाय यानी केंद्रीय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) में बड़े फेरबदल की तैयारी है। [1]
12 सदस्यीय इस सर्वोच्च संसदीय बोर्ड में क्षेत्रीय, सामाजिक और जातिगत समीकरणों को साधने के लिए लगभग 50% बदलाव (6 नए चेहरों की एंट्री और 6 की विदाई) होने की प्रबल संभावना है। [1, 2]
बदलाव की पूरी रूपरेखा इस प्रकार है:
🚪 कौन हो सकता है बाहर? (विदाई की संभावना)
सूत्रों के मुताबिक, संसदीय बोर्ड से हटाए जाने वाले संभावित नेताओं में मुख्य रूप से वह चेहरे शामिल हैं जो उम्रदराज हैं या जिन्हें संगठन में नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं: [1, 2]
- बी एस येद्दुरप्पा
- सर्वानंद सोनोवाल
- के लक्ष्मण
- इकबाल सिंह लालपुरा
- सुधा यादव
- सत्यनारायण जटिया [1]
➡️ किसे मिल सकती है जगह? (एंट्री की रेस में आगे)
पार्टी 2029 के लोकसभा चुनावों और आगामी राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखकर दमदार जनाधार और रणनीतिक कौशल वाले नेताओं को बोर्ड में शामिल करना चाहती है। सबसे बड़ी चर्चा इन दो भारी-भरकम नामों को लेकर है: [1, 2, 3]
- योगी आदित्यनाथ: मजबूत जनाधार और उत्तर प्रदेश (2027 चुनाव) के मद्देनजर इनकी दावेदारी बेहद अहम मानी जा रही है। [1, 2]
- देवेन्द्र फडणवीस: कुशल चुनावी रणनीतिकार के तौर पर संसदीय बोर्ड या केंद्रीय चुनाव समिति में बड़ी भूमिका मिल सकती है। [1, 2]
- इसके अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ मुख्यमंत्रियों और बड़े सामाजिक चेहरों को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। [1]
📌 वर्तमान में कौन-कौन हैं शामिल?
बीजेपी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड में फिलहाल निम्नलिखित 12 सदस्य हैं, जिनमें से शीर्ष 6 के बने रहने की पूरी उम्मीद है: [1, 2]
- नितिन नवीन (पार्टी अध्यक्ष)
- नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री)
- अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री)
- राजनाथ सिंह (केंद्रीय रक्षा मंत्री)
- जे पी नड्डा (पूर्व अध्यक्ष/केंद्रीय मंत्री)
- बी एल संतोष (राष्ट्रीय संगठन महासचिव)
- बी एस येद्दुरप्पा
- सर्वानंद सोनोवाल
- के लक्ष्मण
- इकबाल सिंह लालपुरा
- सुधा यादव
- सत्यनारायण जटिया [1, 2, 3]
🔄 संगठन में हाल ही में क्या बदला?
संसदीय बोर्ड से पहले नितिन नवीन की नई टीम (राष्ट्रीय पदाधिकारियों) में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं: [1, 2, 3]
- स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठन में जोरदार वापसी हुई है। [1, 2]
- राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। [1, 2]
- पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। [1, 2]
- अमित मालवीय की सोशल मीडिया प्रभारी पद से छुट्टी कर उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हासके को जिम्मेदारी दी गई है। [1]
- राष्ट्रीय महासचिवों में से अरुण सिंह, दुष्यंत गौतम, तरुण चुघ और राधामोहन दास अग्रवाल को हटा दिया गया है। [1]
