19 जवानों को शौर्य, नौ को कीर्ति चक्र… 78 गैलेंट्री अवॉर्ड को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों और 89 मेंशन इन डिस्पैचेज को मंजूरी दी है. इनमें सेना, नौसेना, वायु…

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं की सूची सामने आ गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों और 89 मेंशन इन डि…
इन पुरस्कारों में भारतीय थल सेना के साथ ही नौसेना, वायु सेना और गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले सुरक्षाबलों के जवानों को असाधारण साहस और वीरता के लि… दिए जाने वाले कुछ सर्वोच्च सम्मान भी शामिल हैं, जो शांतिकाल और आतंकवाद के खिलाफ अभियानों के लिए दिए जाते हैं. राष्ट्रपति ने नौ कीर्ति चक्र, एक शौर्य चक्र, वीरता के लिए सेना पदक के पांच बार, वीरता के लिए 36 सेना पदक, वीरता के लिए तीन नौसेना और पांच वायुसेना पदक को भी मंजूरी दी है.
इन पुरस्कारों की सबसे खास बात यह है कि देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 13 जांबाज जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है। [1, 2]
वीरता पुरस्कारों का पूरा वर्गीकरण
राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत किए गए 78 वीरता पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार है: [1, 2, 3]
- कीर्ति चक्र: 9 (इनमें से 7 जवानों को मरणोपरांत)
- शौर्य चक्र: 19 (1 जवान को मरणोपरांत)
- बार टू शौर्य चक्र: 1 (एक ही व्यक्ति को दोबारा शौर्य चक्र मिलना)
- सेना मेडल (वीरता): 36 (5 मरणोपरांत)
- बार टू सेना मेडल: 5
- नौसेना मेडल (वीरता): 3
- वायु सेना मेडल (वीरता): 5 [1, 2, 3, 4, 5]
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने सैन्य ऑपरेशनों के दौरान विशिष्ट योगदान के लिए 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैच’ (Mention-in-Despatches) को भी मंजूरी दी है, जिसमें थल सेना और वायु सेना के जवान शामिल हैं। [1]
प्रमुख कीर्ति चक्र विजेताओं के नाम
कीर्ति चक्र शांति काल में दिया जाने वाला भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। इस बार यह सम्मान पाने वाले प्रमुख वीरों की सूची इस प्रकार है: [1, 2]
जीवित रहते हुए सम्मान पाने वाले जांबाज:
- लेफ्टिनेंट कर्नल मनेओ फ्रांसिस (21 पैरा – स्पेशल फोर्सेस)
- मेजर जितेंद्र राठी (2 पैरा – स्पेशल फोर्सेस) [1, 2]
मरणोपरांत सम्मानित होने वाले शहीद: [1, 2]
- हवलदार गजेंद्र सिंह (2 पैरा – स्पेशल फोर्सेस)
- हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह
- हेड कांस्टेबल बशीर अहमद
- कांस्टेबल जसवंत सिंह
- कांस्टेबल बलविंदर सिंह
- कांस्टेबल तारिक हुसैन
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार [1]
प्रमुख शौर्य चक्र विजेता
शौर्य चक्र शांति काल का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। इसके विजेताओं में भारतीय सेना के ये प्रमुख नाम शामिल हैं: [1, 2, 3]
- मेजर परमवीर (36 राष्ट्रीय राइफल्स)
- मेजर तरुण वासुदेवन (57 राष्ट्रीय राइफल्स)
- मेजर केशव कुमार (12 डोगरा रेजिमेंट)
- मेजर गौरव सिंह बृजवाल (21 ग्रेनेडियर्स)
- मेजर विपीन कुमार (11 राष्ट्रीय राइफल्स)
- नायब सूबेदार शंकर राम (3 असम राइफल्स)
- नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट (21 पैरा – स्पेशल फोर्सेस)
- लांस नायक नरेंद्र सिंधु (9 राष्ट्रीय राइफल्स – मरणोपरांत) [1, 2, 3]
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इन पुरस्कारों के जरिए भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और गृह मंत्रालय के तहत आने वाले सुरक्षा बलों के उन रणबांकुरों के साहस को सलाम किया गया है, जिन्होंने देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया है। अधिक जानकारी और पूरी सूची देखने के लिए आप Press Information Bureau (PIB) की आधिकारिक घोषणाओं को देख सकते हैं। [1, 2, 3]
