‘जाओ मां से पूछो तुम्हारा पिता कौन…’, CM विजय पर तमिलनाडु BJP चीफ की विवादित टिप्पणी, मचा बवाल
तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी मां को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया. DMK मंत्री ए. राजमोहन और… बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने बयान को असभ्य, अनुचित और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया.

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की माता को लेकर की गई एक बेहद व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी ने राज्य में भारी सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिए गए इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही है और राजनीतिक मर्यादा की सीमाओं को लांघने का आरोप लगाया जा रहा है। [1, 2, 3]
इस पूरे विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. विवाद की मुख्य वजह और बयान
- अमर्यादित टिप्पणी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने चेन्नई में पार्टी मुख्यालय ‘कमलालयम’ में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए बेहद आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा, “जाओ अपनी मां से पूछो…”। [1, 2]
- बयान के पीछे का संदर्भ: यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विजय द्वारा पूर्व में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर कसे गए एक तंज के जवाब में आई थी, जिसमें विजय ने उदयनिधि को लेकर ‘पिता कहां हैं?’ (Where is your father?) का जुमला इस्तेमाल किया था। इसी का पलटवार करते हुए नागेंद्रन ने सीधे मुख्यमंत्री की माता को राजनीति के बीच खींच लिया। [1, 2]
2. अपनों ने ही उठाए सवाल (के. अन्नामलाई की निंदा)
- अपनी ही पार्टी के नेता का विरोध: इस मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी ही पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष के इस बयान की खुलकर और बेहद कड़े शब्दों में निंदा की। [1, 2, 3]
- अन्नामलाई का बयान: अन्नामलाई ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों में कहा कि तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को अश्लील और अमर्यादित बनाने वाले भाषण लगातार जारी हैं। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि नैनार नागेंद्रन ने किसी राजनेता के परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से मां पर टिप्पणी करके राजनीतिक शालीनता की सभी सीमाओं को पार कर दिया है। उन्होंने इसे पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ और 30-40 साल पुरानी पिछड़ी राजनीति का हिस्सा बताया। [1, 2]
- खुशबू सुंदर की आपत्ति: भाजपा की उपाध्यक्ष और अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने भी राजनीतिक चर्चाओं में महिलाओं को घसीटने और उनके प्रति इस तरह की अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। [1]
3. टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) और सरकार की प्रतिक्रिया
- माफी की मांग: मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने इस टिप्पणी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और भाजपा नेता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने इसे नागेंद्रन का “अशिष्ट और असभ्य” बर्ताव बताया है। [1, 2, 3]
- मंत्रियों का पलटवार: तमिलनाडु सरकार के मंत्रियों ने नागेंद्रन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे ‘थर्ड-रेट’ यानी बेहद निचले स्तर के सड़क-छाप वक्ता की तरह बात कर रहे हैं, जो उनके संवैधानिक और राजनीतिक पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। सरकार ने कहा कि वे इस घटिया स्तर की राजनीति का जवाब अपने काम से देंगे, बातों से नहीं। [1]
4. कानूनी कार्रवाई और पुराना इतिहास
- पुलिस में शिकायत: इस मामले के सामने आते ही एक महिला अधिवक्ता ने नागेंद्रन के खिलाफ चेन्नई पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। [1]
- पुरानी आदत: राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नैनार नागेंद्रन का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी वे मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर व्यक्तिगत और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां कर चुके हैं, जिसके बाद मचे बवाल के कारण उन्हें पिछली बार माफी तक मांगनी पड़ी थी। [1, 2, 3, 4]
चेन्नई: राजनीति में मर्यादा तार-तार, तमिलनाडु भाजपा चीफ नैनार नागेंद्रन के विवादित बयान पर मचा भारी बवाल
चेन्नई:
तमिलनाडु का राजनीतिक परिदृश्य शनिवार को उस समय बेहद गरमा गया जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने एक ऐसा बयान दे डाला जिसने राज्य की राजनीति को व्यक्तिगत कीचड़ उछालने के एक नए निचले स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनके परिवार को निशाना बनाकर की गई इस टिप्पणी के बाद से राज्य में भारी सियासी बवाल मच गया है।
विवाद की शुरुआत: मुख्यमंत्री का वह तंज
दरअसल, कुछ समय पहले तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने डीएमके (DMK) नेता और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन पर एक राजनीतिक कटाक्ष किया था। एम.के. स्टालिन की एक चुनावी हार का संदर्भ देते हुए विजय ने उदयनिधि को लेकर “तुम्हारा पिता कहाँ है?” (Where’s your father) का जुमला इस्तेमाल किया था। हालांकि यह एक विशुद्ध राजनीतिक तंज था, लेकिन भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने इस पर पलटवार करने के लिए बेहद अमर्यादित रास्ता चुना। [1]
नैनार नागेंद्रन का मर्यादाविहीन बयान
शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय के इसी पुराने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नागेंद्रन ने सीधे मुख्यमंत्री की माताजी को राजनीति के बीच घसीट लिया। उन्होंने कहा:
“विधानसभा में कुछ लोग पिता की तलाश कर रहे हैं। लेकिन घर पर मां से पूछकर ही जाना जा सकता है कि पिता कौन है। अगर विधानसभा में उसे ढूंढा जाएगा, तो कौन बताएगा? मौजूदा सरकार की स्थिति कुछ ऐसी ही हो गई है।”
एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के मुंह से सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री की मां को लेकर कही गई यह बात तुरंत ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल गई।
टीवीके (TVK) और मंत्रियों का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और सरकार ने इस टिप्पणी पर बेहद कड़ा और तीखा रुख अख्तियार किया है। सरकार के स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन ने इस बयान की चौतरफा निंदा करते हुए कहा:
- सड़क-छाप वक्ता जैसी भाषा: “यह एक बेहद अपमानजनक और घटिया टिप्पणी है। उन्होंने एक जिम्मेदार राजनेता या नेता की तरह बात नहीं की, बल्कि ऐसा लगा जैसे कोई सड़क-छाप वक्ता (street-corner speaker) बोल रहा हो।”
- पूरी तरह से अस्वीकार्य: “इस तरह की भाषा हमारे लोकतंत्र और राजनीतिक संस्कृति में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। हम इसकी कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
- पद की गरिमा का ध्यान रखें: “किसी भी नेता को सम्मानपूर्वक और अर्थपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। नागेंद्रन जिस प्रतिष्ठित पद पर बैठे हैं, उन्हें कम से कम उसकी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए था।”
निष्कर्ष: गिरता राजनीतिक स्तर
तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से अपनी वैचारिक बहसों और कड़े विरोध के लिए जानी जाती रही है, लेकिन हाल के दिनों में नेताओं द्वारा एक-दूसरे के परिवारों और विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाने की यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। नागेंद्रन के इस ताजा बयान ने न केवल विपक्ष बल्कि आम जनता को भी आक्रोशित कर दिया है, और अब भाजपा नेता से बिना शर्त माफी की मांग तेज हो गई है।
यदि आप इस खबर के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं:
- क्या आप इस मामले पर भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया जानना चाहते हैं?
- क्या आप इस बयान के बाद टीवीके या अन्य दलों द्वारा की जाने वाली कानूनी कार्रवाई की अपडेट देखना
