“Who is Jitendra Mishra? Meet the Ram Mandir Trust’s first CEO, a ‘Best Test Pilot’ and hero of Operation Sindoor”
सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 5,300 से अधिक आवेदनों में से उनका चयन किया गया है। [1, 2, 3]
जितेंद्र मिश्रा का वायुसेना करियर असाधारण उपलब्धियों और देश सेवा से भरा रहा है: [1]

1. ऑपरेशन सिंदूर के हीरो (Operation Sindoor)
- रणनीतिक नेतृत्व: मई 2025 में जब भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया, तब वह भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) थे। [1, 2, 3]
- हवाई श्रेष्ठता: उन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान हवाई रणनीतियों का सफल संचालन किया और दुश्मन के एयर डिफेंस को पूरी तरह पंगु बनाकर भारत की हवाई संप्रभुता सुनिश्चित की। [1]
- सर्वोच्च सम्मान: इस मिशन में उत्कृष्ट और विशिष्ट युद्ध सेवा के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया। [1, 2]
2. ‘बेस्ट टेस्ट पायलट’ और शानदार फ्लाइंग करियर
- उड़ान का लंबा अनुभव: जितेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को बतौर फाइटर पायलट वायुसेना में शामिल हुए थे। लगभग 4 दशक (39 साल) की सेवा के बाद वह 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए।
- विशेषज्ञता: वह एक अनुभवी एक्स्पैरिमेंटल टेस्ट पायलट और फाइटर कॉम्बैट लीडर रहे हैं। उनके पास 18 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाने और 3,000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है।
- महत्वपूर्ण पद: उन्होंने ‘एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल’ में सीनियर टेस्ट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चीफ टेस्ट पायलट के रूप में काम किया। वह Su-30 MKI ब्लॉक IV और ब्रह्मोस मिसाइल इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट जैसे देश के बेहद गुप्त और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर भी रहे हैं।
- कारगिल युद्ध में भूमिका: साल 1999 के कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) के दौरान मिराज 2000 विमानों में लेजर-गाइडेड बमों को फिट करने और उन्हें ऑपरेशनल बनाने वाली टीम में भी वह शामिल थे, जिनका इस्तेमाल टाइगर हिल पर हमले के लिए हुआ था। [
3. व्यक्तिगत जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
- जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ‘भोपतपुरा’ गांव के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता एक लेक्चरर थे।
- उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से स्नातक किया और अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज तथा यूके के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से उन्नत सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया।
राम मंदिर में उनकी मुख्य जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में, उनका मुख्य कार्य 70 एकड़ के विशाल मंदिर परिसर के दैनिक प्रशासन, भीड़ प्रबंधन (Crowd Control), सुरक्षा एकीकरण (Security), और वित्तीय पारदर्शिता को कड़े अनुशासन के साथ संभालना होगा।
इसके अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट की इसी बैठक में तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव शामिल हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं के हालिया विवादों के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है।
इस नई व्यवस्था और तीनों नए ट्रस्टियों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
1. नई प्रशासनिक व्यवस्था (Administrative Restructuring)
- पदों का विभाजन: अब तक ट्रस्ट के प्रमुख ही वित्तीय और प्रशासनिक मामले देखते थे। नई व्यवस्था में प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारी अब सीधे सीईओ (CEO) जितेंद्र मिश्रा के पास होगी।
- जवाबदेही: नए सीईओ सीधे ट्रस्ट बोर्ड को रिपोर्ट करेंगे, जिससे मंदिर के खातों, दान प्रबंधन और सुरक्षा में संस्थागत सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- नए पदों की घोषणा: प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द ही एक प्रवक्ता (Spokesperson) और सार्वजनिक संबंध अधिकारी (PRO) की भी नियुक्ति की जाएगी, जो मीडिया और जनता के साथ सीधा संवाद रखेंगे।
- नए पदाधिकारी: ट्रस्ट की इस बैठक में स्वामी गोविंददेव गिरि जी को नया महामंत्री नियुक्त किया गया है।
2. कौन हैं तीन नए ट्रस्टी?
ट्रस्ट में खाली पदों को भरने के लिए जिन तीन विशिष्ट हस्तियों को शामिल किया गया है, उनका परिचय इस प्रकार है:
| नाम | पहचान एवं पृष्ठभूमि | ट्रस्ट में महत्व/भूमिका |
|---|---|---|
| डॉ. निर्मला यादव (शिकोहाबाद, यूपी) | • शिक्षा जगत में 4 दशकों का लंबा अनुभव। • वह राम मंदिर ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं। | • ट्रस्ट में महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को मजबूत करना। |
| मदन मोहन पांडेय (अयोध्या, यूपी) | • 74 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता और यूपी के पूर्व अपर महाधिवक्ता। • उन्होंने अदालत में रामलला विराजमान की ओर से पक्षकार के रूप में तीन दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ी है। | • कानूनी मामलों में ट्रस्ट को मजबूत और सुरक्षित मार्गदर्शन देना। |
| महेश भागचंदका (दिल्ली) | • 68 वर्षीय प्रख्यात व्यवसायी, लेखक और समाजसेवी। • वह विहिप (VHP) के दिवंगत दिग्गज नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। • भूमि-पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा में यजमान रह चुके हैं। | • उन्हें ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष (Treasurer) बनाया गया है, जो वित्तीय प्रबंधन संभालेंगे। |
इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करना और मंदिर प्रबंधन को पूरी तरह निष्कलंक व आधुनिक बनाना है।
