“Tragedy Strikes Near DU South Campus: 3 Dead in Satya Niketan PG Collapse; ABVP Protests At MCD HQ”
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि मलबे से अब तक 11 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। मूसलाधार बारिश के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित MCD ऑफिस के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

इस हादसे से जुड़े अब तक के मुख्य अपडेट्स निम्नलिखित हैं:
🚨 हादसे और रेस्क्यू से जुड़े मुख्य बिंदु
- राहत कार्य जारी: घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, NDRF और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मलबे से सुरक्षित निकाले गए घायलों को इलाज के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।
- छात्रों के दबे होने की आशंका: सत्य निकेतन इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास होने के कारण यहाँ बड़ी संख्या में छात्र पीजी (PG) में रहते हैं। यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी बताई जा रही है, जिसके बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
- PM और CM की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
🪧 MCD ऑफिस पर ABVP का भारी प्रदर्शन
- कमिश्नर के इस्तीफे की मांग: ABVP कार्यकर्ताओं ने MCD मुख्यालय (सिविक सेंटर) के बाहर एकत्र होकर नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- लापरवाही का आरोप: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जर्जर इमारतों और अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई न करने की वजह से यह हादसा हुआ है। छात्र संगठन सीधे तौर पर MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
- छात्र संगठनों में झड़प: घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है, और सत्य निकेतन में NSUI और ABVP के नेताओं के बीच तीखी झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
यदि आप इस घटना से जुड़ा कोई विशिष्ट अपडेट जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं:
- क्या आप मृतकों या घायलों की पहचान से जुड़ी जानकारी चाहते हैं?
- क्या आप ट्रैफिक डायवर्जन या उस रूट की स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं?
- क्या आप प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ की गई एफआईआर (FIR) की डिटेल देखना चाहते हैं?
कैसे और कब हुआ यह हादसा?
- समय और स्थान: यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में हुआ। यहाँ एक 5 से 6 मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
- हादसे का कारण: शुरुआती जांच के मुताबिक, यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी और जर्जर थी। हादसे के वक्त इसके बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण पूरी इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह ढह गई। इस हॉस्टल में करीब 75 बेड की क्षमता थी।
🚑 रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की स्थिति
- युद्ध स्तर पर राहत कार्य: घटना की सूचना मिलते ही NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे को हटाने के लिए भारी क्रेन और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- अब तक का नुकसान: मलबे से 10 से 15 छात्रों और मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, 3 लोगों की इस हादसे में जान चली गई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
🪧 MCD ऑफिस के बाहर ABVP का प्रदर्शन और राजनीति
- कमिश्नर के इस्तीफे की मांग: हादसे के तुरंत बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के सिविक सेंटर स्थित MCD मुख्यालय का घेराव कर दिया। DUSU अध्यक्ष आर्यन मान की अगुवाई में छात्र MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। छात्रों का कहना है कि अवैध और जर्जर इमारतों को धड़ल्ले से पीजी (PG) में तब्दील करने की अनुमति देकर प्रशासन छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।
- छात्र संगठनों में टकराव: घटनास्थल पर राहत कार्य के दौरान राजनीतिक तनाव भी देखा गया। NSUI के छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटना के करीब दो घंटे की देरी से पहुंचीं। इसी बीच मौके पर NSUI और ABVP के नेताओं के बीच तीखी झड़प और हाथापाई की नौबत आ गई, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
🏛️ सरकार और प्रशासन का एक्शन
- PM मोदी ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।
- CM रेखा गुप्ता का बयान: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और MCD मेयर ने माना कि “इस निर्माण में कई बड़ी गलतियां की गई थीं”। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा है कि इमारत के मालिक (जो गुरुग्राम का रहने वाला है) और लापरवाही बरतने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
