Skip to content
-
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
showyou.in showyou.in

My WordPress Blog

showyou.in showyou.in

My WordPress Blog

  • Home
  • My blogs
  • Sports
  • Top News
  • viral
  • Home
  • My blogs
  • Sports
  • Top News
  • viral
Subscribe
Close

Search

Viral

‘अल्लाह का शुक्र है… स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खड़ी हो गई स्टील की दीवार’, बोले ट्रंप

By Saba
August 12, 2026 3 Min Read
0

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा है कि मिडिल-ईस्ट का दादा बनने वाला ईरान अब वैसा नहीं रह गया है. वहां 300 फीसदी मह…

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर अब अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण हो चुका है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए गए इस पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को ‘स्टील की दीवार’ बताया और पोस्ट के अंत में “अल्लाह का शुक्र है” (Praise be to Allah) लिखकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

‘स्टील की दीवार’ और पूर्ण नियंत्रण का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी नौसैनिक ताकत की सराहना की। उन्होंने लिखा:

“यूएसए का अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा नियंत्रण है। मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हर कोई इस नाकेबंदी को ‘स्टील की दीवार’ कह रहा है। ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता।”

ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान की सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी पाबंदियों और नाकेबंदी के कारण IRGC पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान की आर्थिक बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महंगाई दर 300 फीसदी तक पहुंच चुकी है और ईरानी मुद्रा पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

“अल्लाह का शुक्र है” पर क्यों हो रही है चर्चा?

इस पूरे आक्रामक और राजनीतिक बयान में सबसे ज्यादा ध्यान ट्रंप के आखिरी शब्दों ने खींचा। ट्रंप ने अपने संदेश को “अल्लाह का शुक्र है!” लिखकर समाप्त किया। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप ने यह शब्द ईरान के इस्लामिक नेतृत्व और वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता (Supreme Leader) पर तंज कसने या उन्हें चिढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए हैं, क्योंकि ईरान खुद को एक इस्लामिक गणराज्य मानता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक महत्व

रणनीतिक और आर्थिक रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग है:

वैश्विक तेल की लाइफलाइन: दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग 20 प्रतिशत (पांचवां हिस्सा) इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
सऊदी और खाड़ी देशों का मार्ग: सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी मार्ग से अपने तेल का निर्यात करते हैं।
अमेरिका का नियंत्रण: इस मार्ग पर अमेरिकी नौसेना के कब्जे का सीधा मतलब है कि वैश्विक तेल आपूर्ति और उसकी कीमतों की चाबी अब पूरी तरह वाशिंगटन के हाथ में आ गई है।

तनाव की वजह: सीजफायर वार्ता का फेल होना

यह स्थिति तब पैदा हुई है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह से बेनतीजा रही। ईरान ने किसी भी नए समझौते पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक घेराबंदी को बेहद कड़ा कर दिया। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए इस तनाव के लिए अमेरिकी और इजरायली सैन्य आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया है।


Author

Saba

Follow Me
Other Articles
Previous

PM को मिले उपहारों की हुई ई-नीलामी, कितने रुपये प्राप्त हुए? सामने आ गया आंकड़ा

Next

एयर इंडिया: प्लेन के अचानक 300 फीट नीचे आने का मामला, जानिए पायलट के नशे में होने की जाँच की प्रक्रिया और अहम जवाब

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

by-atik