हिमाचल में भारी बारिश से आफत बरकरार, 200 सड़कें बंद, प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं और बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडी, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में सबसे अधिक सड़कें…
हिमाचल प्रदेश में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी सामान्य नहीं हुआ है. गुरुवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सू…
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर लगातार जारी है। बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन (Landslides) ने पूरे प्रदेश में तबाही मचा रखी है। पहाड़ी दरकने और मलबे के सड़कों पर आने के कारण राज्य की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में इस समय 200 से अधिक मुख्य और संपर्क सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।
बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमराया
भारी बारिश का सबसे बुरा असर राज्य के बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। सड़कों के बंद होने से सैकड़ों यात्री और स्थानीय लोग बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें बंद रास्तों को खोलने के लिए लगातार जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण राहत कार्य में भारी बाधा आ रही है। सड़कों के अलावा प्रदेश की पेयजल और बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न जिलों में करीब 82 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और 45 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं, जिससे कई गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है।
जान-माल का भारी नुकसान
इस साल का मानसून सीजन हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद दर्दनाक साबित हो रहा है। मूसलाधार बारिश, बाढ़ और मकान ढहने जैसी घटनाओं के कारण अब तक 173 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके अलावा, राज्य को अब तक 936 करोड़ रुपये से अधिक का भारी आर्थिक नुकसान हो चुका है। सोलन, मंडी, कुल्लू, शिमला और चंबा जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है। कृषि और बागवानी को भी इस बेमौसम की मार से करोड़ों का धक्का लगा है, जिससे स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
मौसम का पूर्वानुमान और प्रशासन की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाने की हिदायत दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

