Amazon पर ‘राम मंदिर प्रसाद’ के नाम पर धोखा, लगा भारी जुर्माना
अयोध्या के राम मंदिर के प्रसाद का हवाला ऑनलाइन प्रसास बेचने वाले प्लेटफॉर्म को पैनल्टी का सामना करना पड़ा है. भारत सरकार की एजेंसी केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऐमेजॉन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Amazon India पर राम मंदिर प्रसाद के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा है, जिसके बाद भारत सरकार की एजेंसी केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऐमेजॉन सेलर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर भारी जुर्माना लगाया है. एजेंसी ने पाया है कि ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर साधारण मिठाई को राम मंदिर प्रसाद के नाम पर सेल किया जा रहा था.
ऐमेजॉन के सेलर ने राम मंदिर ट्रस्ट से भी इसको लेकर कोई अप्रूवल नहीं लिया था. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म एक मिठाई सेल कर रहा था, जिसपर ‘राम मंदिर प्रसाद’ का टैग इस्तेमाल किया था
ऑनलाइन दुनिया में कई ऐसे सेलर हैं, जो दावा करते हैं कि वह अयोध्या राम मंदिर का प्रसाद सेल कर रहे हैं. इसके लिए वह अलग-अलग दावे भी करते हैं.
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन (Amazon) पर साधारण मिठाइयों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम पर बेचने के कारण ₹1 लाख का भारी जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला मामला माना है, क्योंकि इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट से कोई अनुमति नहीं ली गई थी. [1, 2]
इस पूरे मामले का विवरण नीचे दिया गया है:
मुख्य बातें और कार्रवाई
- किसने की शिकायत: अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने जनवरी 2024 में इस धोखाधड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. [1]
- क्या बेचा जा रहा था: चंदू ट्रेडिंग कंपनी द्वारा ‘बिहार ब्रदर्स’ ब्रांड के तहत घी के लड्डू, खोया के लड्डू, बूंदी के लड्डू और गाय के दूध के पेड़े बेचे जा रहे थे. [1]
- धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़: इन उत्पादों की लिस्टिंग में धार्मिक चिह्नों का इस्तेमाल किया गया था और दावा किया गया था कि इन्हें ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर का आशीर्वाद’ प्राप्त है. [1]
- जुर्माने की अवधि: CCPA ने अमेज़न को यह जुर्माना 15 दिनों के भीतर जमा करने का आदेश दिया है. [1]
अमेज़न का पक्ष और CCPA का रुख
- अमेज़न का तर्क: कंपनी ने खुद को केवल एक ‘मार्केटप्लेस’ (मध्यस्थ) बताते हुए आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत सुरक्षा की मांग की थी. [1]
- CCPA का फैसला: प्राधिकरण ने इस दलील को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कोई भी प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ होने का दावा करके अपनी उपभोक्ता संरक्षण की जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकता, खासकर तब जब वह इस लेनदेन से व्यावसायिक लाभ कमा रहा हो. [1]
भविष्य के लिए कड़े निर्देश
CCPA ने अब केवल राम मंदिर ही नहीं, बल्कि देश के 10 बड़े धार्मिक संस्थानों (जैसे तिरुपति देवस्थानम, माता वैष्णो देवी श्राइन, काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ मंदिर आदि) के नाम पर ‘प्रसाद’, ‘महाप्रसाद’ या ‘भोग’ बेचने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं. अब बिना संबंधित ट्रस्ट के आधिकारिक अनुमति प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) के ऐसे उत्पाद ऑनलाइन लिस्ट नहीं किए जा सकेंगे. [1, 2]
🔎 1. मामले से जुड़े कानूनी नियम और प्रावधान
CCPA (केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण) ने इस मामले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (Consumer Protection Act, 2019) के तहत सख्त कार्रवाई की है:
- भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisements): धारा 2(28) के तहत, किसी उत्पाद के बारे में ऐसा दावा करना जो सच नहीं है (जैसे बिना अनुमति के ‘राम मंदिर का प्रसाद’ बताना) एक दंडनीय अपराध है।
- मध्यस्थ की जिम्मेदारी (Intermediary Liability): अमेज़न ने आईटी एक्ट, 2000 की धारा 79 के तहत ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षित ठिकाना) का दावा किया था, जिसके अनुसार प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले सामान के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, CCPA ने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्लेटफॉर्म उत्पाद को बढ़ावा देता है या उससे सीधे कमाई करता है, तो वह जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
- अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (Unfair Trade Practice): उपभोक्ताओं की धार्मिक आस्था का अनुचित लाभ उठाकर सामान्य मिठाई को दिव्य प्रसाद के रूप में बेचना इस कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।
💡 2. ऑनलाइन ‘प्रसाद’ खरीदने के सुरक्षित तरीके
भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग: हमेशा संबंधित मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) या ऐप से ही प्रसाद बुक करें (जैसे – तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम या माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की अपनी आधिकारिक साइटें हैं)।
- आधिकारिक पार्टनर/सर्टिफिकेट की जांच: यदि आप किसी अन्य वेबसाइट से खरीद रहे हैं, तो देखें कि क्या उस विक्रेता के पास मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक अनुमति पत्र या सर्टिफिकेट प्रदर्शित है या नहीं। नए नियमों के तहत यह अनिवार्य कर दिया गया है।
- समीक्षाएं और रेटिंग्स (Reviews & Ratings): उत्पाद को खरीदने से पहले अन्य उपभोक्ताओं के रिव्यू ध्यान से पढ़ें। अगर किसी ने नकली होने की शिकायत की है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- कीमत और पैकेजिंग पर ध्यान: यदि कोई सामान्य मिठाई बाजार से बहुत ज्यादा कीमत पर ‘प्रसाद’ के नाम पर बेची जा रही है, तो उसकी प्रामाणिकता संदिग्ध हो सकती है।
📊 3. यदि आपके साथ धोखाधड़ी हो, तो क्या करें?
अगर आपने ऑनलाइन कोई ऐसा उत्पाद खरीदा है जो नकली या भ्रामक है, तो आप इन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH): आप 1915 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- ई-दाखिल (e-Daakhil) पोर्टल: उपभोक्ता अदालतों में आसानी से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए इस सरकारी पोर्टल का उपयोग करें।
- उचित रिफंड का दावा: उपभोक्ता कानून के तहत आप भ्रामक उत्पाद के लिए पूरे पैसे वापस (Refund) पाने और रिप्लेसमेंट के हकदार हैं।
