‘Imran Khan को जेल में सही इलाज मिले’, गावस्कर-कपिल देव समेत 14 पूर्व कप्तानों की पाकिस्तान सरकार से मांग
पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री’Imran Khan के इलाज को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता जाहिर की है. कपिल देव और सुनील गावस्कर के साथ-साथ दुनिया भर के 22 पूर्व क्रिकेटरों ने ‘Imran Khan को लेकर पाकिस्तान सरकार के सामने कुछ मांगे रखी हैं.

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Imran Khan Medical Treatment: महान सुनील गावस्कर, कपिल देव, एलन बॉर्डर, स्टीव वॉ समेत दुनियाभर के 14 पूर्व कप्तान इमरान खान के सपोर्ट में उतरे हैं। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, की खराब होती सेहत और आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने की रिपोर्ट से क्रिकेट जगत हैरान है।
17 फरवरी 2026 को इन क्रिकेट दिग्गजों ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखकर इमरान खान की जेल में उनके पसंद के डॉक्टरों से तत्काल इलाज कराने, परिवार से नियमित मुलाकात और बिना किसी देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया का अधिकार देने की मांग की है।
स्वास्थ्य और जेल की स्थिति पर चिंता
इमरान खान की स्थिति को लेकर हाल ही में कुछ गंभीर रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिसमें ये खुलासा हुआ कि इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी 85% तक कम हो गई है। ये खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। उनके बेटे सुलेमान ने दिसंबर 2025 में बताया था कि उनके पिता को एक बेहद छोटी कोठरी में रखा गया है, जिसे ‘डेथ सेल’ (फांसी की सजा पाने वालों की कोठरी) कहा जाता है।
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व कप्तान ‘Imran Khan के बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर समेत दुनिया के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक संयुक्त पत्र लिखा है। यह अपील दुनिया के 9 देशों के दिग्गज कप्तानों ने मिलकर की है, जिसमें खिलाड़ियों ने कहा है कि खेल के मैदान की प्रतिद्वंद्विता स्टंप्स उखड़ने के साथ ही खत्म हो जाती है, इसलिए राजनीति से परे हटकर ‘Imran Khan को मानवीय गरिमा और सही इलाज मिलना चाहिए।
पूर्व कप्तानों ने इस पत्र में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें रखी हैं:
कप्तानों द्वारा रखी गई 3 प्रमुख मांगें
- स्वतंत्र मेडिकल जांच की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित मेडिकल बोर्ड (जिसमें ‘Imran Khan के निजी डॉक्टर भी शामिल हों) को उनके स्वास्थ्य का पूर्ण और स्वतंत्र मूल्यांकन करने की अनुमति दी जाए, विशेष रूप से उनकी दाईं आंख की रोशनी कम होने की खबरों की पारदर्शी जांच हो।
- पारिवारिक मुलाकातों में बाधा न हो: अदालत द्वारा बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों का बिना किसी प्रशासनिक देरी या रुकावट के सम्मान किया जाए और उन्हें परिवार से नियमित मिलने दिया जाए।
- बिना देरी तुरंत इलाज: स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद जो भी स्वास्थ्य परिणाम सामने आएं और डॉक्टरों द्वारा जो भी इलाज सुझाया जाए, वह ‘Imran Khan को बिना किसी प्रशासनिक या कानूनी देरी के तुरंत जेल या अस्पताल में मुहैया कराया जाए।
पत्र लिखने वाले प्रमुख दिग्गज कप्तानों के नाम
यह वैश्विक मुहिम मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल की पहल पर शुरू हुई है, जिसमें कुल 9 देशों के दिग्गजों ने हस्ताक्षर किए हैं:
- भारत: सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर।
- ऑस्ट्रेलिया: एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, स्टीव वॉ, किम ह्यूज और एडम गिलक्रिस्ट।
- इंग्लैंड: अलिस्टेयर कुक, नासिर हुसैन, डेविड गोवर, माइकल एथर्टन और एंड्रयू स्ट्रॉस।
- वेस्टइंडीज: सर क्लाइव लॉयड।
- न्यूजीलैंड और श्रीलंका: जॉन राइट और अर्जुन रणतुंगा।
मुख्य पृष्ठभूमि
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अडियाला जेल में बंद हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लंबे समय तक एकांतवास में रहने के कारण उनकी सेहत बिगड़ी है और उनकी दाईं आंख की रोशनी काफी कम हो गई है। इसी को देखते हुए वैश्विक क्रिकेट समुदाय ने प्रधानमंत्री शरीफ से अपील की है कि खेल के मैदान की प्रतिद्वंद्विता स्टंप्स उखड़ने के साथ ही खत्म हो जाती है, इसलिए उन्हें एक पूर्व एथलीट के तौर पर उचित मानवीय अधिकार मिलने चाहिए।
- क्या आप पत्र के मुख्य अंश और गहराई से पढ़ना चाहते हैं?
- क्या आप इस पर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया जानना चाहते हैं?
- क्या आप इमरान खान के ताजा हेल्थ अपडेट के बारे में जानना चाहते हैं?
दुनिया भर के 21 महान क्रिकेट कप्तानों द्वारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे गए इस पत्र में खेल भावना, मानवीय गरिमा और पुरानी यादों का बेहद भावुक और कड़ा मिश्रण है।
नीचे इस ऐतिहासिक पत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंश और मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
1. “मैदान की प्रतिद्वंद्विता स्टंप्स उखड़ने के साथ खत्म हो जाती है”
कप्तानों ने पत्र की शुरुआत में ही यह साफ कर दिया कि यह कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने लिखा:
- “हम राजनीतिज्ञ नहीं हैं, बल्कि खेल की दुनिया के लोग हैं। हम खेल के मैदान पर एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन खेल भावना हमें सिखाती है कि मैदान की लड़ाई स्टंप्स उखड़ने (मैच खत्म होने) के साथ ही खत्म हो जाती है।”
- खिलाड़ियों ने याद दिलाया कि इमरान खान सिर्फ एक राजनेता नहीं हैं, बल्कि क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक हैं, जिन्होंने खेल को बहुत कुछ दिया है।
2. दाईं आंख की रोशनी और एकांतवास (Solitary Confinement) पर गहरी चिंता
पत्र में इमरान खान की मौजूदा जेल स्थितियों और उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई गई है:
- हमें विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से पता चला है कि रावलपिंडी की अडियाला जेल में लगातार एकांतवास (Isolation) में रहने के कारण इमरान खान के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
- विशेष रूप से यह बेहद चिंताजनक है कि जेल की खराब परिस्थितियों के कारण उनकी दाईं आंख की रोशनी (Vision) काफी कम हो गई है। एक पूर्व एथलीट के साथ ऐसा व्यवहार मानवीय गरिमा के खिलाफ है।
3. “इमरान को उनका पसंदीदा डॉक्टर मिलना ही चाहिए”
पत्र में कानूनी और चिकित्सा अधिकारों को लेकर सख्त लहजे में मांग की गई है:
- कप्तानों ने मांग की कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाए।
- इमरान खान की जांच के लिए जो मेडिकल बोर्ड बने, उसमें उनके निजी डॉक्टर (Personal Physician) को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, क्योंकि किसी भी मरीज को अपने भरोसेमंद डॉक्टर से इलाज कराने का पूरा हक है।
4. बुनियादी मानवीय अधिकारों और मुलाकातों की मांग
अदालत द्वारा दी गई राहत को जेल प्रशासन द्वारा रोके जाने पर भी पत्र में निशाना साधा गया:
- अदालत ने इमरान खान को उनके परिवार और वकीलों से साप्ताहिक (Weekly) मुलाकातों की अनुमति दी है। लेकिन अक्सर प्रशासनिक बहानों से इन मुलाकातों को रोक दिया जाता है या देरी की जाती है।
- कप्तानों ने मांग की कि बिना किसी रुकावट के उनके परिवार को उनसे मिलने दिया जाए, क्योंकि अपनों से दूर रखना एक तरह की मानसिक प्रताड़ना है।
पत्र की सबसे बड़ी बात (The Core Message)
इस पूरे पत्र का मुख्य संदेश यह है कि “इमरान खान को एक कैदी के रूप में नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय खेल नायक और बुजुर्ग नागरिक के रूप में बुनियादी मानवीय अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।” खेल जगत ने एकजुट होकर पाकिस्तान सरकार को याद दिलाया है कि पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अडियाला जेल पर टिकी हैं।
यदि आप इस बारे में और जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं:
- क्या आप जानना चाहते हैं कि इस पत्र पर पाकिस्तान सरकार या पीएम शहबाज शरीफ की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब आया है या नहीं?
- क्या आप इमरान खान की पार्टी (PTI) की इस पत्र पर आई प्रतिक्रिया के बारे में जानना चाहते हैं?
